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क्रिकेट की फिर शुरुवात

मुंबई आतंकी हमलो की वजह से जो इंग्लैंड टीम भारत छोडकर चली गई थी वो वापस आइ और कल से पूर्वनिर्धारित समय के अनुसार ही टेस्ट सीरीज की शुरुवात होगी । आस्ट्रेलिया के खिलाफ के शानदार जीत के बाद इंग्लैंड को भी इस सीरीज मे हरा कर भारतीय टीम अपने जीत के सिलसिले को बरकरार रखना चाहेगी, वही एक दिवसीय सीरीज मे मिली शर्मनाक हार का बदला लेने के लिये इंग्लैंड के खिलाडी भी अपनी पूरी ताकत झोंक देंगे । हालांकि मौसम इस मैच मे एक बाधा बन सकता है । आतंकी हमलो के दो हफ्तो के भीतर ही इंग्लैंड टीम के वापस खेलने आने की वजह से उनकी जहाँ एक ओर काफी प्रशंसा हो रही है वही दूसरी कुछ लोग इसे पैसे और बीसीसीआई के वर्चस्व का परिणाम मान रहे है । खैर जो भी क्रिकेट की जितनी जल्दी शुरुवात होगी शायद उतनी जल्दी हम आतंकी हमले के साये से उबर पायेंगे ।

अंग्रेजो की लगातार दूसरी हार

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इंग्लैंड सीरीज के पहले दो मैचो मे भारतीय टीम की जीत हुई है, किंतु जीतने के तरीके ने मुझे सबसे ज्यादा अचंभित किया है ।नब्बे के दशक से जो लोग भी भारतीय क्रिकेट को देख रहे है, उन्होने आज इंदौर मे हुए वनडे के जैसी शुरुवात के बाद भारतीय़ टीम कई बार हारते हुए देखा होगा,यदि सचिन ने अच्छी शुरुवात नही दे पाए तो भारतीम मध्यक्रम अक्सर दबाव नही झेल पाता था और टीम पराजित होती थी, किंतु सौरव गांगुली ने सन २००० मे जिस आक्रामकता और झुजारुपन के बीज बोए थे वो आज निश्चित रुप से धोनी की कप्तानी मे एक हरे - भरे पेड की शक्ल ले रहे है ।जहाँ एक ओर पहले मैच मे हमने अंग्रेजो को पहली गेंद से ही दबाव मे रख कर संभलने का मौका ही नही दिया वही दूसरी ओर दूसरे मैच मे जल्दी विकेट गिर जाने के बाद एक बडा स्कोर खडा किया और फिर गेंदबाजी के समय दो अच्छी साझेदारीयाँ होने के बाद भी हम मैच जीत पाने मे सफल रहे ।इन दोनो मैचो के हीरो थे युवराज सिंह जो कि टेस्ट टीम गांगुली की जगह लेने के प्रबल दावेदार नजर आ रहे है । इस सीरीज के पहले उनके फार्म पर सवाल उठ रहे थे , शायद इसलिये उनसे टीम की उप-कप्तानी भी वापस ले ली गई किंतु सही समय पर ...

अब इंग्लैंड की बारी

आज से इंग्लैंड के साथ सात एक दिवसीय क्रिकेट सीरीज की शुरुवात हो रही है इन दो टीमो के बीच जब भी पचास ओवरों के मैच में भिडंत हुई है हमेशा कांटे की टक्कर देखने को मिली हैं ,और सीरीज़ भी उसी तरह के होने की आशा हैं एक और जहाँ भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया को टेस्ट मुकाबलों में पटखनी दी है वही दूसरी और इंग्लैंड की टीम भी दक्षिण अफ्रीका की टीम को हराकर आई है दोनों टीमो के हौसले और उत्साह में कोई कमी नही है दो टीमो की टक्कर के साथ - साथ ये सीरीज़ दो एक जैसे कप्तानों का भी टेस्ट लेगी जिनके बीच काफी समानताये है कुल मिलकर कहा जाए तो अगले सात एक दिवसीय मैचो के बाद ये कहा जा सकेगा की भारतीय टीम केवल टेस्ट में ही नही वन डे में भी नम्बर वन का दर्जा प्राप्त करने की और अग्रसर हैं या नही

एतिहासिक जीत के साथ सौरव ने कहा अलविदा

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इतिहास मे आज का दिन स्वर्णाक्षरो मे दर्ज होगा, आज भारतीय क्रिकेट मे एक युग का अंत हुआ और एक नए अध्याय की शुरूवात हुई है । किंतु इस अंत के आखरी लम्हें इतनी खुशी देकर गए कि एक बार उसे जाते हुए भी लगा होगा कि कुछ पलो के लिये ही सही मै यहीं रुक जाउ और इनके साथ इनकी खुशी मे शामिल हो जाउँ । आस्ट्रेलियाइ टीम पिछले एक दशक मे केवल कुछ बार ही पराजित हुइ है और इनमे से दो बार उन्हे टेस्ट सीरीज मे हराने का कारनामा भारतीय टीम ने ही किया है । जिस कप्तान ने हमे पहली बार कंगारुओ के विजय-रथ को था, आज उस कप्तान ने क्रिकेट को अलविदा कह दिया और आज जिस कप्तान एक बार फिर ये काम किया उसने करोडो भारतीय क्रिकेट प्रेमियो के दिलो मे नए सपने जगा दिये ।भारतीय टीम ने बॉर्डर-गावस्कर ट्राफी को एक बार फिर अपने कब्जे मे कर लिया है, वर्तमान टेस्ट सीरीज २-० से जीत ली है, हर तरफ कप्तान धोनी की प्रशंसा की जा रही है, सच भी है उनकी जितनी तारीफ की जाए कम है। उनके द्वारा मैदान पर फेंके गए सारे दाँव बिलकुल सटीक थे, उन्होने कल के प्रेस कांफ्रेस मे कहा था कि जिस प्रकार अर्जुन को केवल मछली की आँख दिखाई दे रही थी, उसी प्रकार उन्हे ...

ADVANTAGE INDIA - भारत की स्थिती मजबूत

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गेंद अब आस्ट्रेलिया के पाले मे है औ उन्हे ये निर्णय करना है कि इस मैच मे उन्हे जीत हासिल करके बॉर्डर-गावस्कर ट्राफी अपने पास रखनी है या फिर मैच को ड्रॉ कराके २-० की शर्मनाक हार से बचना है । आज के खेल मे मैच का पहला सत्र तो भारत के नाम रहा, दोनो सलामी बल्लेबाजो ने एक बार फिर शानदार शुरुवात दी किंतु दूसरे सत्र मे शेन वॉटसन और अपना पहला मैच खेल रहे ऑफ स्पिनर क्रेजा ने दो - दो विकेट झटक कर भारत को बैकफुट पर ला दिया । अपने शानदार कैरियर की आखरी टेस्ट पारी मे दादा दुर्भाग्यवश ० पर आउट हो गए ।किंतु आखरी सत्र मे धोनी और हरभजन ने पहले संभलकर और फिर आक्रामक रूख अपनाते हुए अर्धशतक लगाए और आस्ट्रेलिया के जीत के इरादो पर पानी फेर दिया । सेहवाग एक बार फिर शतक से चूक गए और ९२ के स्कोर पर ब्रेट ली का शिकार बने । भारतीय कप्तान धोनी के अनुसार यदि कल के पहले सत्र मे भारतीय गेंदबाज शुरुवाती ओवरो मे विकेट झटक कर पाते है तो ये मैच भारत जीत सकता है ।

गेंदबाजों ने मैच का रुख भारत की ओर मोडा

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भारतीय गेंदबाजों ने आज के दिन के खेल में कप्तान धोनी की सोची समझी रणनीति के तहत एक दिशा और लाइन के साथ गेंदबाजी करके न केवल ऑस्ट्रेलिया को आल आउट करने में सफलता प्राप्त की बल्कि ८६ रनों की महत्वपूर्ण बढ़त भी दिलाई हलाकि पहले सत्र में कुछ कैच टपकने की वजह से बढ़त की संख्या कुछ कम जरूर हो गयी परन्तु दुसरे और तीसरे सत्र में गेंदबाजों ने ऑस्ट्रेलिया के बल्लेबाजो को सँभालने का मौका ही नहीं दिया और बराबर अन्तराल पर विकेट लेते रहे दो दिनों का खेल शेष है और भारत के पास ८६ रनों की बढ़त है यहाँ से भारत के मैच हरने की संभावना न के बराबर ही है और यदि मोहाली के तर्ज पर कल तेजी से कुछ रन बटोरकर आखरी सत्र से ऑस्ट्रेलिया को बल्लेबाजी कराइ जाये तो भारतीय टीम मैच जीत भी सकती है क्योकि पांचवे दिन के विकेट पर भारतीय स्पिनरों का सामना करना ऑस्ट्रेलिया के लिए टेढी खीर साबित होगा

MATCH HANGS IN BALANCE-दोनो टीमो की स्थिती एक समान

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टेस्ट क्रिकेट के लिहाज से एक शानदार दिन बैट और बॉल के बीच मे जबरदस्त संघर्ष । दो सत्र बल्लेबाजो के नाम तो एक सत्र पर गेंदबाजो का दबदबा । और अंत मे मैच एक एसे नाजुक मोड पर कि ये कहना मुश्किल है कि किसका पलडा भारी है । पहले सत्र मे सौरव गांगुली और कप्तान धोनी ने मिलकर एक स्कोर के चार सौ रन के पार पहुँचाया और लंच के बाद जब दोनो ही बल्लेबाज शतक के लिये पूरी तरह से तैयार लग रहे थे तभी क्रेजा ने एक -एक करके सारे भारतीय बल्लेबाजो को पवेलियन की राह दिखाई और पूरी टीम ४४१ के स्कोर पर आउट हो गई । आस्ट्रेलियाई सलामी बल्लेबाजो ने शुरुवात तो अच्छी की किंतु एक सिंगल चुराने मे नाकाम रहने की वजह से हेडन रन आउट हो गए और इसके बाद हरभजन ने पोंटींग को अपना तीन सौंवा शिकार बनाया । आस्ट्रेलिया एक बार फिर दबाव मे था किंतु कैटिच ने हस्सी के साथ मिलकर आस्ट्रेलियाई पारी को थाम लिया और दिन के आखिर तक उन्हें आउट करने मे भारतीय गेंदबाजो को सफलता नही मिली ।अब कल के खेल पर ये निर्भर करेगा कि मैच मे क्या परिणाम निकलता है , वैसे तो कई विशेषज्ञो का मानना है कि अब भारत ये मैच हार नही सकता ।

क्लाइमेक्स मे चमका सुपरस्टार

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इस एतिहासिक सीरीज के क्लाइमेक्स की शुरूवात हो चुकी है । भारतीय क्रिकेट के दो पीढीयो को अलग करती यह सीरीज कई एतिहासिक पलो की गवाह है, चाहे वह तेंदुलकर का लारा के रिकार्ड को पीछे छोडना हो,गांगुली के सात हजार टेस्ट रन हो,अनिल कुंबले और सौरव गांगुली की आखरी सीरीज होना हो ।सही मायनो मे ये सीरीज इस बात का निर्णय कर सकती है कि विश्व क्रिकेट मे आस्ट्रेलिया की नंबर एक पोजीशन कितनी सुरक्षित है ।पहले दिन के खेल की शुरुवात भारतीय टीम के लिये काफी अच्छी रही और कप्तान धोनी न टॉस जीत कर एक अच्छी पिच पर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया और टेस्ट क्रिकेट मे अपना पहला मैच खेलने वाले सलामी बल्लेबाज विजय और सेहवाग ने शानदार शुरुवात की किंतु पहले विजय और फिर द्रविड और फिर सेहवाग के विकेट जल्दी-जल्दी गिर जाने की वजह से भारती मध्यक्रम पर दबाव आया, पर इस दबाव को शानदार ढंग से झेलते हुए लक्ष्मण और तेंदुलकर ने पारी को संभालकर एक मजबूत आधार प्रदान किया । यदि दिन के अंत मे तेंदुलकर और लक्ष्मण के विकेट न गिरे होते तो शायद भारत की स्थिती और मजबूत होती ।कुछ मिले जीवनदानो का फायदा उठाते हुए तेंदुलकर ने शतक तो बना लिया पर...

दिल्ली टेस्ट ड्रॉ , कुंबले का भार अब धोनी के मजबूत कंधो पर

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तीसरा टेस्ट ड्रा हो गया, लक्ष्मण अपनी शानदार बल्लेबाजी के लिए मैन ऑफ द मैच बने दोनो पारियो मे वो नाबाद ही रहे । पर इस टेस्ट मैच को कुंबले के आखरी टेस्ट मैच के रुप मे याद किया जाएगा । प्रदर्शन के लिहाज से अपनी स्वंय की और इस देश के करोडो क्रिकेट प्रेमी जनता की अपेक्षाओ का दबाव वो झेल नही पाए । पर ये सुखद अंत ही कहा जाएगा कि जिस मैदान पर नौ वर्ष पूर्व उन्होने एक करिश्मा किया था उसी मैदान पर उन्होने अपने करियर की आखरी गेंद डाली ।जंबो के नाम से मशहूर शांत किंतु झुजारू इस खिलाडी का कैरियर एक आदर्श कैरियर रहा है जिसमे शायद ही कभी कोइ विवाद हुआ हो । मैदान पर अपनी सटीक गेंदबाजी और लगातार मेहनत के बल पर ही वो छ: सौ से अधिक टेस्ट विकेट लेने मे कामयाब रहे वर्ना उनकी गेंदो वार्न और मुरली जैसा टर्न नही था । खेल के प्रति निष्ठा की जब भी बात होगी इस खिलाडी का नाम सबसे पहले लिया जाएगा जिसने टूटे हुए जबडे पर पट्टीयाँ बाँधकर न केवल गेंदबाजी की बल्कि एक एसे बल्लेबाज का विकेट भी लिया जो इस श्रृंखला के शुरूवात तक टेस्ट क्रिकेट मे रनो के शिखर पर बैठा था ।कुल मिलाकर भारतीय क्रिकेट ने एक एसे खिलाडी को खो दिया...

ख़राब फील्डिंग का खामियाजा , तीसरा टेस्ट ड्रॉ की ओर

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खराब फिल्डींग और एक सप्ताह के आराम के बाद नई ताजगी से लौटे आस्ट्रेलियाइ बल्लेबाजो के संघर्ष ने भारतीय जीत की संभावनाओ को इस तीसरे टेस्ट मे लगभग समाप्त कर दिया है । जब सुबह के पहले घंटे मे ईशांत शर्मा ने माइकल क्लार्क का आसान सा कैच मिड-ऑफ के स्थान पर टपकाया तो कमेंट्री कर रहे ब्रेंड्न जूलियन ने कहा कि उन्होने शायद ये टेस्ट मैच टपका दिया है और हुआ भी वही उस मौके बाद क्लार्क ने कोइ और मौका नही दिया और न केवल शतक बनाया बल्कि आस्ट्रेलिया को हार के मुख से बाहर निकाल ले आये । अपने पोस्ट मैच साक्षात्कार मे उन्होने कहा कि उनकी टीम कल जीतने के लिये खेलेगी । पर अब इस मैच मे परिणाम निकलने की आशा कम ही है । शायद अगले मैच मे भारत को फार्म मे चल रहे सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर के बिना ही खेलना पडे जो कि भारतीय टीम के लिये एक गंभीर चिंतन का विषय है ।

भारत को खली हरभजन की कमी,आस्ट्रेलिया का संघर्ष

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आस्ट्रेलियाइ टीम ने भारतीय गेंदबाजो का डटकर सामना करते हुए पूरे दिन के खेल मे केवल चार विकेट ही गँवाए । कप्तान अनिल कुंबले का फार्म मे न होना और हरभजन सिंह का चोट की वजह से बाहर होना ये दोनो ही चीजे इस मैच मे भारत की जीत और ड्रा के परिणाम का अंतर हो सकते है ।अंशकालिक स्पिनर सेहवाग ने तीन आस्ट्रेलियाई विकेट लेकर ये साबित किया है कि इन-फ़ार्म कुंबले और फिट हरभजन सिंह इस मैच के परिणाम को भारत के पक्ष मे कर सकते है , फिर भी आस्ट्रेलियाइ टीम अभी पूरी तरह से खतरे से बाहर नही हूइ है,यदि चौथे दिन के खेल मे लंच के पहले आस्ट्रेलिया के बाकी सारे विकेट ले लिया जाए और फिर दिन के अंत तक एक सुरक्षित लक्ष्य निश्चित कर आस्ट्रेलिया को पाँचवे दिन फिर से बल्लेबाजी कराइ जाए तो परिणाम भारत के पक्ष मे भी जा सकता है ।हमे तो इसी परिणाम की आशा रखनी चाहिए ।

गंभीर का लगातार दूसरा शतक, तीसरे टेस्ट मे भारत की ठोस शुरुवात

गंभीर के शानदार शतक की बदौलत भारतीय टीम पहले दिन के खेल पर अपना वर्चस्व स्थापित करने मे सफल रही । ब्रेट ली ने अपने दूसरे,और मिचेल जॉनसन ने दिन के अपने पहले ही ओवर मे क्रमशः सेहवाग और द्रविड के विकेट लेकर आस्ट्रेलिया को एक अच्छी शुरुवात दी,किंतु गंभीर ने पहले तेंदुलकर और उनके आउट होने के पश्चात लक्ष्मण के साथ अच्छी साझेदारीयाँ के कर के भारतीय पारी को संभाल लिया । तेंदुलकर एक बार फिर एक अच्छी शुरुवात के बाद भी शतक बनाने से चूक गए और ६८ के स्कोर पर मिचेल जॉनसन के दूसरे शिकार बने । गंभीर और लक्ष्मण दिन का खेल खत्म होने पर क्रमशः १४९ और ५४ पर नाबाद है और कल के पहले सत्र का खेल काफी हद तक मैच के परिणाम पर असर डालेगा । यदि दोनो बल्लेबाज पहले सत्र मे सावधानी - पूर्वक खेलकर भारतीय टीम को एक बडे स्कोर की ओर ले गए तो मोहाली मैच की तरह ही आस्ट्रेलियाइ बल्लेबाजो पर दबाव बनाकर उन्हें परास्त किया जा सकता है।

सीरीज जीत कर दीपावली का तोहफा देगी टीम इंडिया

सीरीज मे दो टेस्ट मैचो के बाद भारत १-० की बढत ले कर एक अच्छी स्थिती मे है और जहाँ तक कोटला के इतिहास की बात की जाए तो वह भी भारत के पक्ष मे जाता है ।इस मैदान पर पिछ्ले पंद्रह वर्षो में हुए टेस्ट मैचो मे भारतीय टीम की हार नही हुई है । कप्तान अनिल कुंबले फिट होकर के अपने पसंदीदा मैदान पर एक बार फिर अपनी पुरानी लय पाने के लिए बेचैन हो रहे है,हालांकि उन्हे टीम मे लाने के लिये किस खिलाडी को बाहर बैठना होगा ये अभी तक तय नही है । लेकिन अफ्रीकी कोच कर्स्टन के अनुसार टीम मे तीन स्पिनरो का खेलना नामुमकिन है और चूंकि हरभजन के अंगूठे मे चोट है इसलिये उनके खेलने की संभावना कम है अतः आखरी इलेवन का फैसला कल सुबह, मैच के पहले लिया जायेगा । भारतीय क्रिकेट प्रेमियो को दीपावली के तोहफे के रुप में सीरीज जीत की आशा होगी ।आस्ट्रेलियाइ टीम भी बेदी,स्टीव वॉ से गुर सीखकर सीरीज मे वापसी करना चाहेगी ।

आस्ट्रेलिया चारो खाने चित, भारत की रिकॉर्ड जीत

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कल दिन का खेल ख़त्म होने पर जब आस्ट्रेलिया के दो बल्लेबाज माइकल क्लार्क और हैडिन विकेट पर जमे थे तो कुछ क्रिकेट प्रेमियों को इन्ही हालात में पाकिस्तान के खिलाफ ड्रा छूटे मैच की याद आ गई थी जहा पर आखरी दिन भारतीय टीम पाकिस्तान के आखरी पॉँच विकेट ले पाने में असमर्थ रही थी किंतु आज दिन के दूसरे ही ओवर में हैडिन का विकेट ले कर जहीर खान ने उन सभी क्रिकेट प्रेमियों की आशंकाओ को समाप्त कर दिया, इसके बाद दिन के अपने दूसरे ओवर में जाहिर ने दो और ऑस्ट्रलियाई बल्लेबाजो को पवेलियन की राह दिखाई इसके बाद मिचेल जॉन्सन और क्लार्क ने मिलकर कुछ देर तक संघर्ष किया किंतु अमित मिश्रा ने पहले जॉन्सन और बाद में क्लार्क का विकेट लेकर ऑस्ट्रलिया की पारी समाप्त की और भारत को एक रिकॉर्ड जीत दिलाई यदि पारी से हुई जीतो को छोड़ दिया जाए तो रनों के लिहाज से भारत की अब तक की सबसे बड़ी जीत हैं इस जीत को इतिहास में एक अलग जगह इसलिए भी मिलेगी क्योंकि सचिन तेंदुलकर ने इसी मैच में ब्रायन लारा के रिकॉर्ड को तोडा और साथ ही साथ टेस्ट क्रिकेट में १२००० रन भी पूरे किए कुल मिलकर इस मैच को जितने में किसी एक खिलाड़ी का योगदान न...

आस्ट्रेलिया की हार निश्चित,कहर बनके आया टर्बनेटर

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भारतीय टीम के लिए एक और शानदार दिन !! पहले तो बल्लेबाजो ने आस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के छक्के छुडाये और फिर गेंदबाजी की बारी आई तो गेंदबाजों ने भी उका बुरा हाल किया सुबह के सत्र में वीरेंदर सहवाग और गौतम गंभीर ने अपने चिर परिचित आक्रामक अंदाज में पारी की शुरवात की और रन गति को ५ रन प्रति ओवर बनाये रखा , अपने तीसवे जन्मदिन पर सहवाग शतक बनाने के लिए पूर्ण रूप से सुसज्ज थे किंतु रन गति बनाये रखने के चक्कर में एक आक्रामक शोट खेलते हुए वे आउट हो गए किंतु गौतम गंभीर ने इस पारी में शतक बनाकर पिछली पारी की गलती सुधर ली सहवाग का विकेट गिरने के पश्चात् विकेट पर आए कप्तान धोनी ने पारी की शुरवात वही से की जहाँ से उन्होंने उसे पहली पारी में छोड़ा था और रनों की झडी लगा दी कुल ५१४ रनों की लीड लेने के पश्चात् उन्होंने पारी घोषित की अपनी दूसरी पारी की शुरवात में आस्ट्रेलियाई सलामी बल्लेबाजो ने आक्रामक रुख अपनाया और पहले पाँच ओवर तक उनकी रन गति ७ रन प्रति ओवर की थी किंतु जैसे ही कप्तान धोनी हरभजन को गेंदबाजी के लिए बुलाया उन्होंने अपने पहले ही ओवर में हेडेन और काटिच का विकेट लेकर विपक्षी टीम में खलबली म...

अमित मिश्रा का शानदार प्रदर्शन, आस्ट्रेलिया हार की ओर

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अमित मिश्रा ने शानदार प्रदर्शन करके न केवल आस्ट्रेलियाइ टीम को बैकफुट पर ढकेल दिया है बल्कि भारतीय चयनकर्ताओ को भी सोचने को मजबूर कर दिया है कि कप्तान अनिल कुंबले के फिट होने कि स्थिती मे टीम का संतुलन किस प्रकार बनाया जाये । आज के दिन का खेल भारतीय टीम के लिहाज से पूर्ण रुप से आदर्श दिन रहा जहाँ एक ओर गेंदबाजो ने शानदार गेंदबाजी कर के आस्ट्रेलिया को ऑल आउट कर दिया वही सलामी बल्लेबाजो ने शानदार शतकीय साझेदारी करके पूर्ण रूप से दबाव को आस्ट्रेलियाई टीम पर डाल दिया ।शेन वॉटसन और माइकल हस्सी को छोडकर कोइ भी आस्ट्रेलियाइ बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजो के सामने अपने आप को सुरक्षित नही महसूस नही कर पा रहे थे । यदि ब्रेट ली और वॉटसन के बीच उपयोगी साझेदारी नही हूइ होती तो आस्ट्रेलिया की स्थिती इससे भी बदतर हो सकती थी । जिस स्थिती मे इस वक्त भारतीय टीम है , उस स्थिती से मैच मे भारतीय जीत पक्की मानी जा सकती है। एसा न हो इसके लिये या तो आस्ट्रेलिया को जबरदस्त प्रदर्शन करना होगा या फिर ये आशा करनी होगी कि भारतीय टीम को अपनी क्षमता से कम प्रदर्शन करे ।

दादा ने दिखाया दम मैच पर भारत की पकड़ मजबूत

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सौरव गांगुली और कप्तान धोनी के शानदार खेल की बदौलत भारतीय टीम जहाँ एक ओर बडा स्कोर खडा करने मे सफल रही वही चारो गेंदबाजो ने सधी हुई गेंदबाजी कर के आस्ट्रेलियाइ बल्लेबाजी की कमर तोड दी ।दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक आस्ट्रेलिया के चार चोटी के बल्लेबाज आउट होकर पवेलियन वापस लौट चुके थे , जिसकी वजह से भारतीय टीम इस मैच पर अपनी पकड मजबूत कर चुकी है ।सौरव गांगुली अपनी आखरी श्रृंखला को यादगार बना देना चाहते है , इसलिए उन्होंने मैदान पर अपना सब कुछ झोंक कर पूरी लगन और तन्मयता के साथ खेलते हुए एक शानदार शतक लगाया । जबकि दूसरे छोड पर डटे हुए कप्तान धोनी ने अपने पुराने आक्रामक अंदाज मे खेलते हुए ९२ शानदार रन बनाए ।यदि भारतीय गेंदबाजो ने अपने आज के गेंदबाजी के प्रदर्शन को कल के खेल मे और दूसरी आस्ट्रेलियाइ पारी मे जारी रखा तो भारतीय टीम इस मैच को जीतने मे सफल हो सकती है ।

पहला दिन भारत के नाम , तेंदुलकर ने तोडा रिकार्ड

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आज के दिन के खेल के पश्चात भारतीय टीम ने अपनी पकड मैच पर मजबूत कर ली है । सचिन तेंदुलकर ने शानदार खेल का प्रदर्शन करते हुए सौरव गांगुली के साथ मिलकर भारतीय टीम को इस स्थिती मे पहुचाँया । उन दोनो की साझेदारी को देखकर पुराने दिनो की याद आना लाजमी था ।अनिल कुंबले की अनुपस्थिती में कप्तानी कर रहे धोनी ने टॉस जीत कर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया । दोनो भारतीय सलामी बल्लेबाजो ने शानदार शुरुवात की । लंच के पहले सेहवाग के आउट होने के पश्चात भी द्रविड और गंभीर ने रन बनाने की गति को कम नही होने दिया । किंतु लंच के पश्चात मिचेल जॉनसन ने तीन विकेट झटक-कर मैच मे आस्ट्रेलिया को वापस लाने की भरपूर कोशिश की किंतु वहाँ से सचिन-सौरव की भरोसेमंद जोडी ने मैदान संभाला तो १४२ रन की साझेदारी करके भारत को एक सम्मानजनक स्थिती लाकर ही दम लिया । इस बीच सचिन ने न केवल ब्रायन लारा का रिकार्ड तोडा बल्कि १२००० के जादुई आंकडे को भी छू लिया । तेंदुलकर ८८ के व्यक्तिगत स्कोर पर आउट होने से करोडो क्रिकेट प्रेमियों को उनके एक और शतक चूक जाने की निराशा हूइ । दिन का खेल खत्म होने के समय सौरव गांगुली ५४ के स्कोर पर क्रि...

पूर्वावलोकन : दूसरा टेस्ट कल से

मोहाली के पीसीऐ स्टेडियम में कल से भारत और आस्ट्रेलिया के बीच दूसरे क्रिकेट टेस्ट मैच की शुरुवात होगी पहले टेस्ट मैच में दोनों ही टीमो के शानदार प्रदर्शन को देखते हुए एक रोमांचक टेस्ट मैच की कल्पना की जा सकती है एक और जहा आस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाज स्टुअर्ट क्लार्क कोहनी की चोट की वजह से कल के मैच में नही खेल पाएंगे वाही दूसरी ओर भारतीय कप्तान अनिल कुंबले के भी दूसरा टेस्ट मैच खेल पाने की स्थिति पर संदेह बना हुआ हैं और इसका फैसला मैच की सुबह ही लिया जाएगा पहले मैच में जहा जहीर और हैडिन के बीच कुछ गर्मागर्म बहस हुई तो शाब्दिक लडाई का दौर चल पड़ा , जहीर ने पहले तो वर्तमान आस्ट्रेलियाई टीम को अब तक की सबसे अधिक सुरक्षात्मक रवैया अपनाने वाली टीम कहा तो वही ब्रेट ली जवाब में कहा की आस्ट्रेलिया ही एक मात्र टीम थी जो मैच में निर्णय प्राप्त करने के उद्देश्य से खेल रही थी । वही दूसरी ओर आस्ट्रेलियाई मीडिया ने समय बरबाद करने के लिए सौरव गांगुली को जमकर कोसा और उनके इस कृत्या को ही मैच ड्रा होने का कारन बताया कुल मिलकर देखा जाए तो बाकि के बचे तीनो ही टेस्ट मैच अत्यन्त ही रोमांचक और कांटे की टक्क...

पहला टेस्ट अनिर्णीत समाप्त

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आज पहला टेस्ट मैच बिना किसी निर्णय के समाप्त हो गया । इस मैच से आस्ट्रेलियाइ टीम को ये अंदाजा हो गया कि इस श्रृंखला में भारतीय टीम को हराने के लिये उन्हे नाको चने चबाने पडेंगे ।इस वक्त भारतीय टीम आस्ट्रेलियाइ टीम के मुकबले ज्यादा संतुलित लग रही है । पहले टेस्ट की दूसरी पारी में यदि अनिल कुंबले हरभजन सिंह के साथ गेंदबाजी करते तो शायद इस मैच का परिणाम कुछ और हो सकता था । दूसरी पारी में भारतीय मध्य्क्रम ने फ़ोर्म में आने का संकेत दे दिया ,इससे स्पिनर रहित आस्ट्रेलियाइ टीम कि मुश्किले और बढ गयी है । इस मैच मे आस्ट्रेलियाइ टीम के लिये पोजिटिव्स की बात कि जाये तो उनके कप्तान रिकी पोन्टिंग भारतीय सरजमीं पर अपने बैटिंग की असफलता के कलंक को धोने मे कामयाब रहे , साथ ही साथ हस्सी ने भी अच्छी फ़ोर्म दिखलायी । भारतीय गेंदबाजो में कप्तान कुंबले को छोडकर अन्य तीनो गेंदबाजो ने अच्छी गेंदबाजी की । कुल मिलाकर पहले टेस्ट मैच की समाप्ति पर ये कहा जा सकता है कि आनेवाले तीनो टेस्ट मैच बेहद रोमांचक और कांटे की टक्कर वाले होंगे ।

पहला टेस्ट , तीसरा दिन

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हरभजन सिंह ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा था की उन्हें आस्ट्रेलिया टीम के खिलाफ हार बर्दाश्त नहीं होती इसलिए उनका प्रदर्शन इस टीम के खिलाफ हमेशा अच्छा रहा हैं । इस टेस्ट में अभी तक वे गेंद से कोई कमाल नहीं दिखा पाए थे इसलिए उन्होंने इसकी कसर बल्ले से बेहतरीन प्रदर्शन करके पूरी कर दी । पहले दो सेशन में आस्ट्रेलियाई गेंदबाजों मिचेल जॉन्सन , ब्रेट ली और शेन वॉट्सन ने भारतीय बल्लेबाजो को जमने नहीं दिया , हलाकि राहुल द्रविड़ ने उनका सामना डटकर किया और अर्ध- शतक ज़माने में कामयाब हुए । आखरी सेशन में सौरव गांगुली ने पहले धोनी और फिर हरभजन सिंह के साथ मिलकर भारत को फौलो- ओन से बचाया फिर ज़हीर और हरभजन ने स्कोर को तीन सौ के पार पहुंचा दिया, दिन का खेल ख़त्म होने तक भारत ने आस्ट्रेलिया द्वारा जीते गए दिन के पहले दो सत्रों के प्रभाव को तीसरे सत्र के अपने जुझारू खेल से न्यूट्रल कर दिया । तीसरे दिन की समाप्ति पर भी कोई भी टीम मैच पर अपना वर्चस्व नहीं स्थापित कर पायी हैं । आज का दिन मुख्या रूप से मिचेल जॉन्सन , सौरव गांगुली और हरभजन सिंह के नाम रहा ।

पहला टेस्ट , दूसरा दिन

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वैसे तो मैं आज का खेल देख नही सका किंतु हाई - लाईटस देखकर के इस पोस्ट को लिख रहा हूँ । "श्रीमान क्रिकेट " ने आज एक बार फिर अपने मनमोहक अंदाज में खेल दिखाते हुए एक और शतक लगाया । प्रथम श्रेणी क्रिकेट में १५००० हजार से ज्यादा रन बनाने के पश्चात आस्ट्रेलिया की टीम में जगह पाने वाले हस्सी ने अपने डेब्यू के बाद क्रिकेट की हर विधा में अपनी उपयोगिता साबित की हैं पिछले नौं वर्षों से आस्ट्रेलिया के विश्व चैम्पियन होने का शायद यही राज हैं की हस्सी और हेडेन जैसे खिलाडी उम्र के ३० वर्षो तक राष्ट्रीय टीम में जगह नही बना पाते । जहीर खान के शानदार अन्तिम स्पेल ने कुछ हद तक मैच को भारत की गिरफ्त के बाहर जाने से रोक लिया । वैसे तो इशांत शर्मा ने भी काफी अछ्छी गेंदबाजी की किंतु स्पिनर कप्तान अनिल कुंबले और हरभजन सिंह अपने पुराने रंग में अभी तक नही नजर आए । अन्तिम सत्र में सहवाग और गंभीर की आक्रामक और सूज्बूझ भरी पारी आस्ट्रेलियाई टीम का मनोबल जरूर गिरा होगा, अब देखना ये हैं की ओपनर्स अपनी अच्छी शुरवात को कब तक कायम रख पाते हैं , मध्यक्रम के रन बाँकुरे इस शुरवात को कितन भुना पाते हैं ।कल के ...

पहला टेस्ट , पहला दिन

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आज एक अंत्यंत महत्वपूर्ण श्रॄंखला की शुरुवात हुई है भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 4 टेस्ट मैचो की श्रॄंखला और इसी दिन से मैने मेरे इस ब्लॉग का श्रीगणेश करने का निश्चय किया ।अबसे हर मैच के दिन मै एक पोस्ट लिखकर अपने विचारो और अपने क्रिकेट ज्ञान को आपके सामने रखूँगा । खैर आज के दिन के खेल का प्रमुख आकर्षण वैसे कई लोगो की नजर मे तो रिकी पोंटिग का शतक था परंतु मै आप लोगो का ध्यान एक अन्य रोचक बात पर जो कि आज घटित हुइ,टेस्ट क्रिकेट इतिहास मे कितनी बार हुइ होगी इसकी जानकारी कुछ अच्छे संख्यातज्ञ ही दे सकते है ।टेस्ट मैच के पहले दिन एक ही गेंदबाज द्वाराएँ दिन की पहली और आखरी दोनो ही ओवरो मे विकेट लेने की घटना ।रिकी पोंटिग ने शतक ठोंककर अपनी कथनी को साबित कर के दिखाया, दौरे की शुरूवात से ही वे इस बात पर जोर दे रहे थे कि वे इस दौरे मे भारतीय सरज़मीं पर अपने नाकामी के कलंक को मिटा कर ही रहेंगे और इस बात को उन्होने श्रॄंखला के पहले टेस्ट के पहले दिन ही साबित कर दिखाया । इसके लिए उन्हे इशांत शर्मा का पहला घातक स्पेल,कुम्बले की लगातार सटीक गेंदबाजी और हरभजन के डर का सफलता पूर्वक सामना किया ।किंतु आखिर...