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विश्व क्रिकेट के शिखर की ओर भारत

कोशिशो की कोई इंतिहा नहीं होती, करनेवाले की हिम्मत चाहिए, जब तक न मिल जाये मंजिल हार न मानना,हार ही तो जीत की नींव होती है | वर्षो से भारतीय क्रिकेट को देखते हुए और न जाने कितने ही मैचो में भारतीय टीम की हार देखने के बाद ये दिन भी आया है की कुल पांच मैचो वाली इस सीरिज में अभी तक भारतीय टीम ने एक भी मैच नहीं हारा | और ये जीत एक ऐसी टीम के खिलाफ आ रही है जिसने लगभग डेढ़ दशक से क्रिकेट की दुनिया पर राज किया है | एक आम भारतीय क्रिकेट प्रेमी के लिए ये एक सुखद अनुभव हैं | ये सत्य हैं की भारतीय क्रिकेट तेजी से शिखर की ओर अग्रसर है किन्तु इस शिखर पर लम्बे समय तक बने रहने के लिए भारतीय टीम में नए युवा,किन्तु सशक्त चेहरों की जरुरत है, और सौभाग्य से विराट कोहली,सुरेश रैना और चेतेश्वर पुजारा के रूप में हमें ऐसे युवा मिल रहे हैं जो भारतीय क्रिकेट को आगे ले जा सकते हैं | गेंदबाजी में भी युवा इशांत शर्मा, प्रवीन कुमार और श्रीशांत के साथ साथ जयदेव उनद्कत और सौरभ नेत्रवालाकर के रूप में अच्छे गेंदबाज उभर रहे,वही स्पिन आक्रमण भी प्रज्ञान ओझा और रविचंद्रन अश्विन जैसे युवाओ के आने से भविष्य में सशक्त लग र...

न्यूजीलैंड के साथ दूसरा वन-डे कल

न्यूजीलैंड दौरे की सुस्त शुरुवात के बाद भारतीय अब धीरे-धीरे लय मे आ रही है । पहले दोनो बीस-२० के मुकाबले हारने के बाद, एक दिवसीय मैचो मे अपना पुराना फार्म दिखाते हुए भारतीय बल्लेबाजो ने पहला मैच अपने नाम कर लिया । दूसरे मैच मे भी भारतीय टीम की बल्लेबाजी अत्यंत उम्दा हुई और यदि इंद्रदेवता ने साथ दिया होता तो शायद हम २-० की बढत ले चुके होते । अब यदि तीसरे मैच मे जीत होती है तो ये तय हो जाएगा कि भारतीय टीम ये सीरीज हारेगी नही जो कि अपने आप मे एक रिकार्ड ही होगा ।खैर धोनी की इस टीम से उम्मीद तो यही है कि वो ये सीरीज जीत कर तीन दशको से अधिक से चले आ रहे इंतजार को खत्म करे ।

क्रिकेट इन 2009

वैसे तो भारतीय क्रिकेट टीम इन दिनो आराम कर रही है किंतु क्रिकेट जगत मे एसी कई घटनाए हूइ है जो अखबारो की सुर्खिया बनी है फिर चाहे वोदक्षिण अफ्रिका की आस्ट्रेलिया पर एतिहासिक जीत हो या फिर केविन पीटरसन का कप्तानी छोडना हो । श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष पद से अर्जुन रणतुंगा की छुट्टी कर दी गई तो दूसरी ओर मैथ्यू हेडन अपनी ढलती उम्र और गिरते फार्म की वजह से आस्ट्रेलियाइ मुख्य चयनकर्ता की नव वर्ष की छुट्टीयो मे खलल डाल रहे है । आइपीएल के दूसरे सत्र की तैयारिया भी शुरु हो गई है ओर टीमे अपनी रणनीती बनाने मे जुट गई है ।भारतीय क्रिकेट बोर्ड पाकिस्तान दौरा और चैंपियंस लीग रद्द होने से भारी नुकसान उठा रहा है तो दूसरी ओर भारतीय कप्तान नए-नए उत्पादो के ब्रॉड एबेंसडर बन कर खूब फायदे मे है । आस्ट्रेलिया अपनी जमीन पर सत्रह वर्षो के बाद एक सीरीज मे हारा और उसे हराने का ये कारनामा कर दिखाया दुनिया के दूसरे सबसे अनुभवी किंतु युवा दक्षिण अफ्रिकी कप्तान ग्रीम स्मिथ के नेतृत्व वाली टीम ने । सारी दुनिया उनके जुझारूपन के जज्बे की मुरीद हो गई जब टीम को हार से बचाने के लिए वो आखरी बल्लेबाज के रूप मे टूटी ह...

क्रिकेट की फिर शुरुवात

मुंबई आतंकी हमलो की वजह से जो इंग्लैंड टीम भारत छोडकर चली गई थी वो वापस आइ और कल से पूर्वनिर्धारित समय के अनुसार ही टेस्ट सीरीज की शुरुवात होगी । आस्ट्रेलिया के खिलाफ के शानदार जीत के बाद इंग्लैंड को भी इस सीरीज मे हरा कर भारतीय टीम अपने जीत के सिलसिले को बरकरार रखना चाहेगी, वही एक दिवसीय सीरीज मे मिली शर्मनाक हार का बदला लेने के लिये इंग्लैंड के खिलाडी भी अपनी पूरी ताकत झोंक देंगे । हालांकि मौसम इस मैच मे एक बाधा बन सकता है । आतंकी हमलो के दो हफ्तो के भीतर ही इंग्लैंड टीम के वापस खेलने आने की वजह से उनकी जहाँ एक ओर काफी प्रशंसा हो रही है वही दूसरी कुछ लोग इसे पैसे और बीसीसीआई के वर्चस्व का परिणाम मान रहे है । खैर जो भी क्रिकेट की जितनी जल्दी शुरुवात होगी शायद उतनी जल्दी हम आतंकी हमले के साये से उबर पायेंगे ।

अंग्रेजो की लगातार दूसरी हार

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इंग्लैंड सीरीज के पहले दो मैचो मे भारतीय टीम की जीत हुई है, किंतु जीतने के तरीके ने मुझे सबसे ज्यादा अचंभित किया है ।नब्बे के दशक से जो लोग भी भारतीय क्रिकेट को देख रहे है, उन्होने आज इंदौर मे हुए वनडे के जैसी शुरुवात के बाद भारतीय़ टीम कई बार हारते हुए देखा होगा,यदि सचिन ने अच्छी शुरुवात नही दे पाए तो भारतीम मध्यक्रम अक्सर दबाव नही झेल पाता था और टीम पराजित होती थी, किंतु सौरव गांगुली ने सन २००० मे जिस आक्रामकता और झुजारुपन के बीज बोए थे वो आज निश्चित रुप से धोनी की कप्तानी मे एक हरे - भरे पेड की शक्ल ले रहे है ।जहाँ एक ओर पहले मैच मे हमने अंग्रेजो को पहली गेंद से ही दबाव मे रख कर संभलने का मौका ही नही दिया वही दूसरी ओर दूसरे मैच मे जल्दी विकेट गिर जाने के बाद एक बडा स्कोर खडा किया और फिर गेंदबाजी के समय दो अच्छी साझेदारीयाँ होने के बाद भी हम मैच जीत पाने मे सफल रहे ।इन दोनो मैचो के हीरो थे युवराज सिंह जो कि टेस्ट टीम गांगुली की जगह लेने के प्रबल दावेदार नजर आ रहे है । इस सीरीज के पहले उनके फार्म पर सवाल उठ रहे थे , शायद इसलिये उनसे टीम की उप-कप्तानी भी वापस ले ली गई किंतु सही समय पर ...

अब इंग्लैंड की बारी

आज से इंग्लैंड के साथ सात एक दिवसीय क्रिकेट सीरीज की शुरुवात हो रही है इन दो टीमो के बीच जब भी पचास ओवरों के मैच में भिडंत हुई है हमेशा कांटे की टक्कर देखने को मिली हैं ,और सीरीज़ भी उसी तरह के होने की आशा हैं एक और जहाँ भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया को टेस्ट मुकाबलों में पटखनी दी है वही दूसरी और इंग्लैंड की टीम भी दक्षिण अफ्रीका की टीम को हराकर आई है दोनों टीमो के हौसले और उत्साह में कोई कमी नही है दो टीमो की टक्कर के साथ - साथ ये सीरीज़ दो एक जैसे कप्तानों का भी टेस्ट लेगी जिनके बीच काफी समानताये है कुल मिलकर कहा जाए तो अगले सात एक दिवसीय मैचो के बाद ये कहा जा सकेगा की भारतीय टीम केवल टेस्ट में ही नही वन डे में भी नम्बर वन का दर्जा प्राप्त करने की और अग्रसर हैं या नही

एतिहासिक जीत के साथ सौरव ने कहा अलविदा

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इतिहास मे आज का दिन स्वर्णाक्षरो मे दर्ज होगा, आज भारतीय क्रिकेट मे एक युग का अंत हुआ और एक नए अध्याय की शुरूवात हुई है । किंतु इस अंत के आखरी लम्हें इतनी खुशी देकर गए कि एक बार उसे जाते हुए भी लगा होगा कि कुछ पलो के लिये ही सही मै यहीं रुक जाउ और इनके साथ इनकी खुशी मे शामिल हो जाउँ । आस्ट्रेलियाइ टीम पिछले एक दशक मे केवल कुछ बार ही पराजित हुइ है और इनमे से दो बार उन्हे टेस्ट सीरीज मे हराने का कारनामा भारतीय टीम ने ही किया है । जिस कप्तान ने हमे पहली बार कंगारुओ के विजय-रथ को था, आज उस कप्तान ने क्रिकेट को अलविदा कह दिया और आज जिस कप्तान एक बार फिर ये काम किया उसने करोडो भारतीय क्रिकेट प्रेमियो के दिलो मे नए सपने जगा दिये ।भारतीय टीम ने बॉर्डर-गावस्कर ट्राफी को एक बार फिर अपने कब्जे मे कर लिया है, वर्तमान टेस्ट सीरीज २-० से जीत ली है, हर तरफ कप्तान धोनी की प्रशंसा की जा रही है, सच भी है उनकी जितनी तारीफ की जाए कम है। उनके द्वारा मैदान पर फेंके गए सारे दाँव बिलकुल सटीक थे, उन्होने कल के प्रेस कांफ्रेस मे कहा था कि जिस प्रकार अर्जुन को केवल मछली की आँख दिखाई दे रही थी, उसी प्रकार उन्हे ...