पहला टेस्ट , दूसरा दिन



वैसे तो मैं आज का खेल देख नही सका किंतु हाई - लाईटस देखकर के इस पोस्ट को लिख रहा हूँ । "श्रीमान क्रिकेट " ने आज एक बार फिर अपने मनमोहक अंदाज में खेल दिखाते हुए एक और शतक लगाया । प्रथम श्रेणी क्रिकेट में १५००० हजार से ज्यादा रन बनाने के पश्चात आस्ट्रेलिया की टीम में जगह पाने वाले हस्सी ने अपने डेब्यू के बाद क्रिकेट की हर विधा में अपनी उपयोगिता साबित की हैं पिछले नौं वर्षों से आस्ट्रेलिया के विश्व चैम्पियन होने का शायद यही राज हैं की हस्सी और हेडेन जैसे खिलाडी उम्र के ३० वर्षो तक राष्ट्रीय टीम में जगह नही बना पाते ।

जहीर खान के शानदार अन्तिम स्पेल ने कुछ हद तक मैच को भारत की गिरफ्त के बाहर जाने से रोक लिया । वैसे तो इशांत शर्मा ने भी काफी अछ्छी गेंदबाजी की किंतु स्पिनर कप्तान अनिल कुंबले और हरभजन सिंह अपने पुराने रंग में अभी तक नही नजर आए । अन्तिम सत्र में सहवाग और गंभीर की आक्रामक और सूज्बूझ भरी पारी आस्ट्रेलियाई टीम का मनोबल जरूर गिरा होगा, अब देखना ये हैं की ओपनर्स अपनी अच्छी शुरवात को कब तक कायम रख पाते हैं , मध्यक्रम के रन बाँकुरे इस शुरवात को कितन भुना पाते हैं ।कल के दिन शायद सचिन तेंदुलकर ब्रायन लारा के रिकॉर्ड को तोड़ दे इसलिए कल मैच पर नजर बनाये रखियेगा ।



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