एतिहासिक जीत के साथ सौरव ने कहा अलविदा

इतिहास मे आज का दिन स्वर्णाक्षरो मे दर्ज होगा, आज भारतीय क्रिकेट मे एक युग का अंत हुआ और एक नए अध्याय की शुरूवात हुई है । किंतु इस अंत के आखरी लम्हें इतनी खुशी देकर गए कि एक बार उसे जाते हुए भी लगा होगा कि कुछ पलो के लिये ही सही मै यहीं रुक जाउ और इनके साथ इनकी खुशी मे शामिल हो जाउँ । आस्ट्रेलियाइ टीम पिछले एक दशक मे केवल कुछ बार ही पराजित हुइ है और इनमे से दो बार उन्हे टेस्ट सीरीज मे हराने का कारनामा भारतीय टीम ने ही किया है । जिस कप्तान ने हमे पहली बार कंगारुओ के विजय-रथ को था, आज उस कप्तान ने क्रिकेट को अलविदा कह दिया और आज जिस कप्तान एक बार फिर ये काम किया उसने करोडो भारतीय क्रिकेट प्रेमियो के दिलो मे नए सपने जगा दिये ।भारतीय टीम ने बॉर्डर-गावस्कर ट्राफी को एक बार फिर अपने कब्जे मे कर लिया है, वर्तमान टेस्ट सीरीज २-० से जीत ली है, हर तरफ कप्तान धोनी की प्रशंसा की जा रही है, सच भी है उनकी जितनी तारीफ की जाए कम है। उनके द्वारा मैदान पर फेंके गए सारे दाँव बिलकुल सटीक थे, उन्होने कल के प्रेस कांफ्रेस मे कहा था कि जिस प्रकार अर्जुन को केवल मछली की आँख दिखाई दे रही थी, उसी प्रकार उन्हे केवल जीत ही दिखाई दे रही है और आज एतिहासिक जीत हासिल करके उन्होने अपनी कथनी को करनी मे बदल दिया । सौरव गांगुली के लिये इस से अच्छी विदाइ और क्या हो सकती थी कि उन्होने अपनी आखरी सीरीज मे विश्व चैंपियन टीम को हराया, निश्चित रुप से एक शानदार कैरियर का परीकथाओ जैसा अंत था यॆ ।और अब उम्मीदे बढ गई है ," मंजिले और भी है पाने को, सपने सच कर दिखाओ दिखा दो दम जमाने को " !!!

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